
मैराथन धावक पिता का सपना, बेटे ने भाले से रचा इतिहास: जौनपुर के अदारी डभिया गाँव के रोहित यादव ने 87.5 मीटर थ्रो के साथ जीता स्वर्ण
विशेष ग्राउंड रिपोर्ट | खेल डेस्क
जौनपुर: कहते हैं कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या आधुनिक संसाधनों की मोहताज नहीं होती, इसे सच कर दिखाया है उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के मीरगंज (मछलीशहर) इलाके के एक छोटे से गाँव अदारी डभिया के रहने वाले युवा जेवलिन थ्रोवर रोहित यादव ने।
रोहित ने राष्ट्रीय अंतरराज्यीय एथलेटिक प्रतियोगिता में 87.5 मीटर की हैरतअंगेज दूरी तक भाला फेंककर न सिर्फ एक नया कीर्तिमान स्थापित किया, बल्कि स्वर्ण पदक जीतकर पूरे देश को गौरवान्वित कर दिया है।
इस ऐतिहासिक सफलता पर रोहित यादव को बहुत-बहुत बधाई एवं भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए अनंत शुभकामनाएं! रगों में है दौड़ता है खेल: पिता रह चुके हैं मैराथन धावक
रोहित की इस कामयाबी की जड़ें उनके परिवार और मिट्टी से जुड़ी हैं। रोहित के पिता सभाजीत यादव खुद एक पूर्व मैराथन धावक रह चुके हैं। पिता ने कभी देश के लिए दौड़ने का जो सपना अपनी आंखों में संजोया था, आज उनके बेटे रोहित ने हाथ में भाला थामकर उस सपने को हकीकत में बदल दिया है। अदारी डभिया गाँव के इस साधारण परिवार से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर रिकॉर्ड तोड़ना, सभाजीत यादव के अनुशासन और रोहित की कड़ी मेहनत का ही नतीजा है।मीरगंज और मछलीशहर इलाके में जश्न का माहौल
जैसे ही अदारी डभिया गाँव में रोहित के 87.5 मीटर के स्वर्णिम थ्रो की खबर पहुंची, पूरे मीरगंज और मछलीशहर इलाके में आतिशबाजी शुरू हो गई। पिता सभाजीत यादव के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि रोहित ने यह साबित कर दिया कि जौनपुर की माटी में वह ताकत है जो दुनिया के किसी भी मंच पर तिरंगा लहरा सकती है।
भविष्य की राह: अब लक्ष्य है वैश्विक मंच
87.5 मीटर का यह थ्रो इस बात का साफ संकेत है कि रोहित यादव अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दुनिया के दिग्गज एथलीटों को कड़ी टक्कर देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। पिता के मैराथन के संघर्ष को रोहित ने जेवलिन की रफ्तार दे दी है।
एक बार फिर, रोहित यादव को उनकी इस अद्वितीय सफलता पर पूरे देश की तरफ से ढेरों बधाइयां। हम कामना करते हैं कि भविष्य में रोहित अपने इस प्रदर्शन को और भी बेहतर करते हुए ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े मंचों पर भारत का नाम रोशन करें।
अदारी डभिया के इस लाल पर पूरे देश को नाज है!
